बागेश्वर धाम चमत्कार विवाद ? भगवान के होने या ना होने पर सवाल ?.

 बागेश्वर धाम चमत्कार विवाद ? भगवान के होने या ना होने पर सवाल ?. 
मिडिया में इस समय जो विवाद बहुत ज्यादा चल रहा है। वो बागेश्वर धाम के मुखी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री दूारा लोगो के विषय में भविष्यवाणी करना और भूत - प्रेत बाधा अदि को लेकर बात करना है। लेकिन हमारी मिडिया लोगो में ऐसा व्यक्ति को पेश कर रहे है। जो दुसरो को माइंड को रीड करते  है। लेकिन साथ में जो संत -महात्मा लोग करते है। पानी की समाधान जैसे आपकी तरक्की में ये बाधा है आपको जो है।  इतने जाप करने है। अदि -आदि मिडिया वाले लोगो को पूरा खेल समझाने के नामपर भगवान और पूजा - अर्चना पर भी ऊँगली उठा रहे है। लोगो में मैसेज छोड़ रहे है। कि ये सब अंधविश्वास  है। दुसरो की भावनाओ को पढ़ना और फिर उसका समाधान करवाना ये हमारे देश में लोगो की धार्मिक अवस्था के कारण युगो से चला आ रहा है।  परन्तु हमारी मिडिया लोगो को भ्रमित करने का प्रयाश केर रही है।  जिसका रिज़ल्ट ये होगा कि जिस देश में लोगो ने राममंदिर के लिए इतना कुछ किया। जिस देश में लोग तीर्थ स्थानो पर लेट कर तुहिनियो के भल जाते है। व्रत रखते है। उनको एक अहसास है।  जो धर्म के नाम पर इंसानियत के साथ जोड़ता है। इसी आस्था के कारण लोग लंगर लगते है। और कई धर्मिक आयोजनों को करवाते है। ताकि परमात्मा के साथ जुड़ा सके। जाप करने के साथ अधय्त्माक कीर्तन भी चलता है। जो खुद के विशेष में आदमी को जानकारी देता है।  और जब हम अपनी कमियों को सुधारते है। जो हम अब लोग विजय की प्रतिक करते है।  यानी हमारी मनो कामनाये पूरी हो जाती है।  हम इसे भगवान के वरदान के रूप में देखते है।  और ये सब अवस्था के साथ जोड़कर भी देखा जाता है।  
हमारे देश का दुर्भाग्ये है कि हमारे देश में  हर मुद्दा  राजनितिक कारण किया जाता है। अब ये बागेश्वर धाम का मुद्दा  शरुवात महाराष्ट्र से करी गई है। ये मामला राजनितिक दृस्टि से भी देखने की जरुरत है। की जैसी की पिछले दिनों में मोदी और योगी लेकर b.j.p  में विवाद चल रहा था। की अगला प्रधानमंत्री कौन होगा और गौतम अडानी ने कांग्रेस की कार्य काल की तारीफ की और इसी बीच में ये बागेश्वर धाम का मुद्दा जिसमे धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बार - बार समाधान को झुकने नहीं देंगे कि बात कह रहे है। और हमारा राष्ट्रीय मिडिया उन सब को मुद्दों पर दूसरे दृस्टिकोण  से दिखा रहा है। ताकि धर्म के प्रति लोगो में आस्था काम हो या सनातन के नाम का विरोध के कारण जन आक्रोश बढ़ जाए।  दूसरे के चांस कम नज़र आते है। क्योकि मिडिया तो धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को जादूगर बताने के चक्केर में लगी है।  ये माहौल बनाया जा रहा है।  कांग्रेस के पछ का कि मोदी नहीं तो b.j.p  सन्ता में नहीं इस पर भी विचार केर लिया जाये। राजनितिक में कई बार जो हो रहा होता है। वो नज़र नहीं आता।  जो नज़र अत है।  उसका कोई महत्व नहीं होता।  क्योकि b.j.p. में काफी उठा पटक चल रही है।  तो कोई ऐसा दवा भी चला जा सकता है।  जिससे लोगो में धर्म के प्रति आस्था कम हो इसे राजनीति कहते है।  बाकी आने वाला  वक्त बताएगा।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                       
जय हिन्द। जय भारत। 🙏

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