महिंद्रा फाइनेंस के थर्ड पार्टी एजेंट ने ट्रैक्टर से रौंधकर एक गर्भवती महिला को मारडाला।

 

15 सितम्बर को झारखंड के हजारी बाग़ में महिंद्राफाइनेंस के रिकवरी एजेंट द्वारा एक महिला जो गर्भवती थी को कुचल कर मारडाला। इस घटना को RBI ने संज्ञान में लेकर महिंद्रा फाइनेंस को थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंट्स का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी। RBI ने कहा कंपनी अगले आदेश तक आउटसोर्सिंग सिस्टम के जरिये लोन वसूली या रिपॉजेशन गतविधि नहीं कर सकती है। अब महिंद्रा फाइनेंस अपने खुद के कर्मचारियों के जरिये वसूली या कब्जे की गतिविधि जारी रख सकती है। कार्रवाई M&M फाइनेंशियल में आउटसोर्सिंग गतिविधियों के प्रबंधन से जुडी कुछ चिताओं को देखने के बाद की गई। यहाँ आपको बता दें कि एक न्यूज एजेंसी ने इस मुद्दे में बताया कि एक किसान जिसकी मृत्यु हो गई थी। एजेंट उसके घर से जबरन ट्रैक्टर ला रहा था जिस दौरान ये घटना हो गई। और यहाँ ये भी बता दे थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंटों को इस वसूली में प्रति नग पैसा मिलता है।


महिंद्रा ग्रुप की तरफ से जारी स्पष्टीकरण में इसकी पुष्टि हुई कि ट्रैक्टर उस किसान ने महिंद्रा फाइनेंस से लोन पर खरीदा था। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी हादसे पर दुःख जताते हुए कहा कि मामले में थर्ड पार्टी कलेक्शन का रिव्यू किये जाने की बात कही थी। साथ में उन्होंने जांच में पुलिस का सहयोग करने की बात कही थी। महिंद्रा ग्रुप के MD और CEO अनीश शाह ने भी इस मामले पर दुःख जताते हुए कहा कि हम परेशान और बहुत दुखी है यह एक शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारीयों को कंपनी पूर्ण सहयोग देगी। मनीकंट्रोल ने इसमें पहले 19 सितम्बर को पब्लिश हुई एक रिपोर्ट में बताया था कि RBI लोन रिकवरी एजेंटों की भर्ती में मानदंडों के उल्लंघन को लेकर M&M फाइनेंस पर दंडात्मक जुर्माना लगाने पर विचार कर सकता है।

अंत में जब कोई व्यक्ति लोन लेता है तो उस समय इन फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारी बहुत मीठे होते हैं। परन्तु बाद में इनका व्यवहार अमानवीय हो जाता है। जिसे लोन लेने वाला व्यक्ति नहीं समझ पाता। वैसे भी हमारे देश के क़ानून की गहराई हर व्यक्ति को समझ नहीं आती उसे समझता है वकील परन्तु वकील तक हर व्यक्ति की पहुँच कहा है। जैसे RBI की लोन और लोन रिकवरी और दोबारा बोली पर वाहनों की खरीद पर क्या मापदण्ड है। ये कहा क्लीयर है। इसलिए RBI को चाहिए कि वो सरल और सहज शब्दों में इन गाइडलाइनों को सार्वजनिक करे। ताकि स्थिति गंभीर न हो। जुर्माना समाधान नहीं है। इसके ऊपर उठकर भी कुछ फैसले लेने  जरूरत है। 'बाकी आपके कमेंटों का इन्तजार रहेगा और आप भी अपने विचार रख सकतें हैं। हम अगर हो सकेगा तो उन्हें भी सार्वजनिक करेंगे। '

चन्दन  सिंह 8756408214

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Featured post

मोदी जी इस बार शायद मुश्किल है। (एक रिपोर्ट)