Personal Reason : - व्यावहारिक और व्यापारिक रिश्ते और इनका अर्थ क्या है ?

चलो आपको एक कहानी सुनाते हैं। आपने बचपन में कछुए और खरगोश की कहानी सुनी होगी लेकिन अधूरी मैं उसे पूरी करता हूँ। कछुए और खरगोश में रेस हुई कछुआ जीता कहा गया धैर्य से कार्य करते रहे जीत आपकी होगी। यहाँ से आगे की बात खरगोश ने कहा फिर से रेस करते हैं। इस बार उसने गलती का ध्यान रखा जीत गया। गलतियों का ध्यान रखो दोहराओ मत, फिर कछुआ बोला फिर से रेस करते हैं। परन्तु नए रास्ते से इस बार कछुआ जीता क्यूंकि रास्ते में नदी आ गई खरगोश रुक गया, कछुआ पानी से निकल गया और जीत गया। अपनी ताकत के अनुसार लक्ष्य बनाओ जीत आपकी होगी। फिर दोनों ने कहा फ्रेंडली मैच करते हैं। जमीन पर कछुआ, खरगोश पर, पानी में खरगोश कछुए पर मतलब दोस्त ऐसे बनाओ जिनकी ताकत आपकी कमजोरी हो और आपकी ताकत उनकी कमजोरी इसी तरह लक्ष्य भेदने हैं। 



परन्तु यह सब शब्दों में अच्छा लगता है। परन्तु यथास्तिथि में हम हर रिश्ते को व्यापार के तरीके से जीते हैं। तो जीवन से सकून चला जाता है। जैसा बोयेंगे वैसा ही तो पाएंगे क्यूंकि हम लोग हर रिश्ते में अपना लाभ और स्वार्थ देखने लगते हैं। मैंने खुद देखा है। बहुत से रिश्तों में व्यक्ति स्वार्थी सोच और छोटे लालच के चक्कर में ज्यादा नुक्सान कर बैठता है। क्यूंकि उसे पता ही नहीं होता जीवन में वो नेगेटिव को पहले उठाता है। उसने हमेशा गलत को चुना होता है। इस कारण से उसके हिस्से में नुक्सान ही आता है। परन्तु जीवन तो अपनी समझ और अपने तरीके से ही जीना है। कामयाबी का तरीका कछुए और खरगोश के रिश्ते में है। परन्तु जब आपने झूट और फरेब का सहारा लिया तो अपने साथ गलत का डर कैसे न हो और के आगे जीत है। मतलब डर छोड़ना होगा तो व्यापार भी व्यहवार से खड़ा करना होगा। अगर हम दूसरा कुछ करके थोड़ा जीत सकते हैं। और व्यहवार को सुधार कर लक्ष्य भेद सकते हैं।



आगे अगर जीवन में टॉपर बनना है। तो पूरा जीवन टेस्ट से भागे नहीं अगर परीक्षा में अपना सम्पूर्ण दे। फल आपके काम देंगे। ऑफशेसन, चाहत और जूनून से लक्ष्य को प्राप्त करें इसीलिए कहा गया है। अपने टेलेंट को व्यर्थ न करें। प्लानिंग हम लोग प्लान जब तक नहीं बनाएंगे जीत तुक्का तो हो सकती है। परन्तु लगातार नहीं इसलिए प्लान करें, प्रेक्टिस जरूरी है। अभ्यास ही समूर्ण बनाता है। अगर सोच स्वस्थ्य रखनी है तो हेल्थी खाएं और रिवीजन जरूर करें तभी पाएंगे क्या गलत है क्या सही ये व्यापार के तरीके है। जो सफल लोगों ने पाएं हैं। बस स्वीकार करें "असफलता एक चुनौती है। स्वीकार करें कहाँ कमी रह गई सुधार करें" ये लाइने या लेख उन लोगों के लिए जो जीवन में भटक रहें हैं। कामयाबी मिल नहीं रही या छूकर निकल जाती है।

T – Test = टैस्ट

O – Offseason = ऑफशेसन

P – Plan = प्लान

P – Practice = प्रैक्टिस

E - Eat Healthy = ईट हेल्दी

R – Revision = रिवीजन

TOPPER = Summary

 

अमिताभबच्चन जी का एक डॉयलाग आप ने सुना होगा "हम जहाँ पे खड़े हो जाते हैं। लाईनवहीँ से शुरू हो जाती है। ये अहंकार नहीं हैं। विश्वास है। लेकिन नेगेटिव सोच वाले इसमें गलत को खोजेंगे।  

जय हिन्द

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