Incident :- रोज हो रही घटनाओं का जिम्मेदार कौन, क्या मुआवजे देने से समाधान हो जाएगा।

आये बदलाव लाये देश का विकास करें



दो तीन दिन पहले की बात है हम दो लोग शाहजहांनपुर से मैगलगंज के रास्ते लखीमपुर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में हमें दो ट्रालियाँ एक ट्रैक्टर से जुडी हुई मैगलगंज के पास मिली जिसमे कुछ औरतें, बच्चे और कुछ समझदार नवयुवक नजर आये और ये तकरीबन 30-40 लोग दोनों ट्रालियों में सवार थे और ये पक्का है कि ये लोग मैगलगंज टोल प्लाजा के पास से गुजरे होंगे और वहां पर पुलिस नाका भी लगा था। इस घटना का जिक्र किस लिए किया जा रहा है। जब हम लोग उस ट्रालियों के पास से गुजरे तो मन में विचार आया कि इनकी वीडिओ बनाई जाए क्यूंकि ट्रैक्टर कुछ ज्यादा स्पीड में था और अभी विचार आया परन्तु तब तक कार इन ट्रालियों के पास से आगे निकल गई। बात आई गई हो गई। आज सुबह सोशल मीडिया पर खबर आई ट्राली पलटी और इतने मृतक और इतने घायल और सरकार ने दिया मृतकों को मुआवजा व घायलों को भी सहायता राशि दी गई। इस सारे घटनाक्रम में लास्ट में सरकारें मुआवजे देती हैं। बात आई गई हो जाती है। पर इन घटनाओं का जिम्मेदार कौन ?



अब दूसरी बात वो भी कुछ दिन पहले की उस घटना को हम लोगों ने कवरेज भी किया। बात थी कि ग्राम- सुंदरवल, तहसील- लखीमपुर, जिला-खीरी में माँ बेटा घास काटने खेत में गए वहाँ किन्ही कारणों से उन्हें करंट लग गया। और उनकी मृत्यु हो गई अब उनके परिवार के लोग व उनके रिश्तेदार डेडबॉडी को रोड पर रखकर रोड को जाम कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि आप ऐसा क्यूँ कर रहे है। तो उनके परिवार वालों का कहना था कि बिजली विभाग के जेई आये और लिखकर दें कि इनकी मृत्यु करंट लगने से हुई है। जब उनको कहा गया कि ये बात तो पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में आ जायेगी तो उनमे से दो कह रहे थे हमें मुआवजा मिलना चाहिए शायद कुछ लोगों ने शराब भी पी रखी थी। रोड जाम पब्लिक परेशान प्रशासन व पुलिस अधिकारी भी परेशान बात मुआवजा चाहिए।


अब इन मामलों को लेकर विधानसभा में प्रस्ताव पेश हुआ है। और लागू भी होने जा रहा है कि अब डेडबॉडी रखकर रोड जाम नहीं किया जाएगा। वार्ना कारवाही हो जायेगी परन्तु समाधान कहाँ हुआ। जब कब ट्रालियां पलटी करंट आदि आपदाओं में जान माल का नुक्सान हुआ। सरकारें मुआवजें देती रही परन्तु घटनाओं की पुनःवृत्ति को रोकने के लिए किसी ने भी जायज क़दम नहीं उठाया। बस हमें क्या ये ही सोंचकर सब अनदेखा करते रहे जैसे सुन्दरवल में यहाँ करंट लगा था वही खम्बा फिर आग फेक रहा था (सार्टसर्किट) इसको भी हम लोगों ने कवरेज किया लोगों ने वीडिओ यूट्यूबफ़ेसबुक पेज पर देखा परन्तु शेयर नहीं किया। इक्का-दुक्का को छोड़कर।

आपको पता है। जो मुआवजा घटना होने के बाद दिया जाता है। वो हमारे और आपके द्वारा दिए गए टैक्स का पैसा है। दूसरे के जान की कीमत शायद न होशायद हमारी भावनाएँ ख़त्म हो गई है। परन्तु अपना पैसा बचाने के लिए ही जागे। जो पैसा मुआवजों में जा रहा है। उससे देश का विकास होता अगर भ्रष्ट अधिकारियों से बच जाता तो उम्मीद पर दुनिया कायम है। गंदगी है साफ़ तो हमें और आपको करनी है। मुझे क्या नहीं अब ये नहीं चलेगा। हम बदलेंगे तभी तो बदलाव से देश बदलेगा।

जय हिन्द

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