मुजफ्फरनगर महापंचायत में एक मांग एक ही नारा तीन कृष कानून वापस लो !! In Muzaffarnagar Mahapanchayat, one demand, one slogan, three agricultural laws, take back

 मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत में किसानो की मांगे और नारे दूर - दूर तक गूंजे

जैसा की आप सब लोग जानते हो की मुजफ्फरनगर में किसानो की महापंचायत चल रही है किसानो ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर यह महापंचायत को मुजफ्फरनगर में रखा यहाँ से दूर दूर से लोग आये हुए है जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान पश्चिम बंगाल ऐसे ही कई अन्य राज्यों और जिलो से किसान यहाँ आये और सभी किसान एक दुसरे के साथ कंधे से कन्धा मिलाके खड़े रहे .

In Muzaffarnagar Mahapanchayat, one demand, one slogan, three agricultural laws, take back
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महापंचायत पर राकेश टिकैत का बयान 

राष्ट्रिय प्रवक्ता राकेश टितकै ने बड़े पैमाने पर ऐलान किया की अब किसी केआगे हाथ फेलाने से अच्छा है की हम खुद एक जुट रहे और मेरे  सभी किसान भाई एक दुसरे के साथ खड़े रहे और ऐसे काम नही चलेगा अब हमे ही कुछ करना होगा यह कहने के बाद बोले मी हम खुद ही जल्द सत्ता में नजर आयेंगे अपनी सरकार मेरे किसान भाइयो की सरकार अपना फेसला अपना कानून बस ऐसे ही हमे एक जुट रहना होगा .

क्यों राकेश टिकैत अपने ही लोगो पर गुस्साए 

जैसा की आप लोग जानते ही हो की मुजफ्फरनगर में महापंचायत चल रही है इसी बीच राकेश टिकैत जी अपने ही महापंचायत में शामिल अपने ही लोगो पर भड़क दरअसल बात यह थी की किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल महापंचायत के मंच पर राकेश टिकैत और अन्य किसान भाइयो को संबोधन देने पहुचे तो बलबीर सिंह राजेवाल ने किसानो के जुट से नाराजगी जताई और राजेवाल ने आरोप लगाया की इन 100 लोगो के जुट ने यहाँ आये अन्य किसान भाइयो का अपमान किया है और मुझे भी अशब्द बोले . इसी लिए रास्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जी भड़के और उन सभी को महापंचायत छोड़ने के लिये कहा .

उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ का बयान 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार को वाराणसी का दौरा किया और मिडिया द्वारा प्रस्तुत कार्यकर्म में भी पहुचे और वहां उन्होंने ने कहा की महापंचायत मुजफ्फरनगर में हो रही किसानों की महापंचायत पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सारे किसान एक जैसे नहीं है उसमें से कई तो हमारे नियमो से खुश हैं लेकिन जो बीच में दलाल हैं वह उन किसानों को भड़का रहे हैं इतना ही नहीं इस महापंचायत में जो कि मुजफ्फरनगर में किसानों द्वारा आयोजित की गई है इसमें दूर-दूर से आए किसान भी अपनी समस्या का हल नहीं बल्कि यहां व्यवस्थाओं को देखने आए तीनों कृषि कानूनों पर हम भी विचार कर रहे हैं ऐसा नहीं है कि हमें अपने देश के देशवासी और किसान भाई प्यारे नहीं है  हम भी उनकी भलाई चाहते हैं जिन्हें कुछ किसान नहीं समझ सकते .

महापंचायत का मीडिया पर दबाव 

मुजफ्फरनगर महापंचायत में आज तक के एक पत्रिका पत्रकारिता करने गई थी जिसने वहां पर मौजूद किसानों से बात करने के लिए कुछ किसानों के पास गई और किसान देखते ही देखते बढ़ने लगे आप लोग तो जानते ही हैं की मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में लाखों की तादाद में किसान हैं वहां एक पत्रकारिता जोकि उन किसानों के दबाव में आ गई उस पर किसानों ने अपना दबाव बनाते हुए उससे अभद्रता तरीके से बात करनी शुरू कर दी जिससे वह घबरा गई मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने उस पत्रकारिता को बाहर निकाला और अपने कार्य को छोड़ आपने ऑफिस गई और उसने मुजफ्फरनगर में हो रही महापंचायत के बारे में बताया कि वहां देखा जाए तो 5 लाख  से भी ज्यादा किसान है उसने बताया कि मैं कुछ किसानों से बात करने के लिए आगे बढ़ी तो मुझे किसान अपने दबाव में लाने लगे अभद्र तरीके से बात करने लगे जिससे वहां मैंने पुलिस प्रशासन से हेल्प ली और बाहर आई .

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