गंगा के पानी में करोना तो नहीं क्या है सच !! is there corona virus in gangajal !!

 गंगा के पानी में करोना तो नहीं क्या है सच

यूपी में गंगा नदी से 13 घाटों से 67 सैंपल लिए गए हैं जिनकी RT-PCR रिपोर्ट निगेटिव आई है पर आपको बता दें इस सैंपल में गुर्दा खराब करने वाला ई-कोलाईव बैक्टीरिया मिला है

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आपको बता दें उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक गंगा नदी के पानी के 13 घाटों से 67 सैंपल लिए गए थे जिनमें से सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है पर आपको बता दें रिपोर्टों के मुताबिक यह पता चला है कि पानी में  ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है वह गुर्दे खराब करने वाला बैक्टीरिया है साइंटिस्टओं के मुताबिक उन्होंने बताया कि यह जलीय जीवो के लिए तो कोई नुकसानदायक नहीं है पर इसमें व्यक्ति का नहाना या पानी पीना हानिकारक माना जा रहा है इसमें नहाने से या पानी पीने से गुर्दे खराब हो सकते हैं !!

IITR के मुताबिक गंगा के पानी में करोना तो नहीं है पर गंगा के पानी में ऑक्सीजन की कम मात्रा पाई गई है IITR के मुताबिक यूपी और बिहार के 13 शहरों से सैंपल लिए गए थे इनमें 12 जगह से गंगा से और एक जगह यमुना से सैंपल लिया गया था इनकी RT- PCR रिपोर्ट तो निगेटिव आई थी पर कुछ जगहों पर भी जियोकेमिकल पैरामीटर्स मानक से ज्यादा पाए गए !!

आपको बता दें IITR के सीनियर साइंटिस्ट खुद ही सैंपल लेने के लिए पीपीई किट पहनकर टीम में शामिल हुए थे कुछ स्थानों पर तो नाव में बैठकर बीचोबीच से सैंपल लिए गए थे आपको बता दें कि वैज्ञानिकों के रिसर्च के अनुसार गंगा के पानी में ब्यूटी यानी बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड मानक से कहीं अधिक पाई गई है बताया जा रहा है कि या 20 से 25MG के करीब पहुंची मानकों के मुताबिक स्वच्छ पानी में 3 MG से कम होना चाहिए !

हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा है कि इससे जलीय जीवो पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा पर इस में नहाने से इंसानों पर प्रभाव पड़ सकता है !!

गंगाजल की जांच में सामने आया बैक्टीरिया

* ई-कोलाइ बैक्टीरिया

आपको बता दें कि ई-कोलाइ बैक्टीरिया एक ऐसा बैक्टीरिया दिया है जो इंसानों और पशुओं के पेट में हमेशा रहता है ज्यादातर बैक्टीरिया नुकसान नहीं पहुंचाते हैं पर कुछ ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो पेट में दस्त और मरोड़ जैसे लक्षण पैदा कर दे कर देते हैं कई बार इनकी वजह से गुर्दा काम करना बंद कर देता है और मरीज की मौत हो जाती है !!

* फीकल स्ट्रेप्टोकोकी

आपको बता दें कि फीकल स्ट्रेप्टोकोकी यह एक खतरनाक बैक्टीरिया है जो कि वाराणसी गाजीपुर प्रयागराज कानपुर उन्नाव में लिए गए गंगाक के पानी के सैंपल से मिला है वहीं बिहार के भोजपुर में 3 और सारण में 1 सैंपल में फीकल स्ट्रेप्टोकोकी की मौजूदगी मिली है यह खतरनाक किस्म का बैक्टीरिया है इसे स्टेटस इंफेक्शन का मुख्य कारण माना जाता है इसके अलावा यहां पेट दर्द व आते डिसऑर्डर भी पैदा कर देता है जिससे इंसान की मृत्यु हो जाती है !!

इंसान और नदी में कोरोना का पता 

आपको बता दें कि इंसान के शरीर में कोरोना प्रशिक्षण के लिए RT-PCR टेस्ट की जरूरत पड़ती है वही गंगाजल में इस घातक वायरस को परखने के लिए वैज्ञानिकों को RT-PCR टेस्ट की जरूरत पड़ती है यह एक दिलचस्प पहलू है !!

दोस्तों यह जानकारी हमारी कैसी लगी अधिक जानकारी के लिए हमारे चैनल SSSNEWSHINDI पर विजिट करें


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