20 जुलाई से 14 नवंबर तक नहीं हो सकेंगे मांगलिक कार्य !! Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

20 जुलाई से 14 नवंबर तक नहीं हो सकेंगे मांगलिक कार्य

Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

आपको बता दें कि इस महीने 20 जुलाई से 14 नवंबर तक नहीं हो सकेंगे कोई मांगलिक कार्य ऐसा बताया जा रहा.

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Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

आपको बता दें कि माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव को सौंपकर स्वयं शिव सागर में शयन के लिए चले जाते हैं इसके बाद भगवान विष्णु कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जागते हैं भगवान विष्णु के चयन काल की अवधि 4 महीने की होती है इसी वजह से यह अवधि चतुर्मास कहलाती है !!

Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

हिंदू धर्म में चतुर्मास के शुरू होने के समय ही शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है हर वर्ष चतुर्मास आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष देव शयनी एकादशी से शुरू होते ही और कार्तिक मास की शुल्क पक्ष देवउठनी एकादशी तिथि तक रहते हैं इस साल चतुर्मास 20 जुलाई 2021 से शुरू होकर 14 नवंबर तक चलेगे !!

आपको बता दें कि पौराणिक कथाओं और मान्यताओं में जिक्र है कि इन चार महीनों के दौरान श्री हरि विष्णु पाताल जाकर मिला लेते हैं चतुर्मास का आरंभ देव शयनी एकादशी और समापन देवउठनी एकादशी से होती है हिंदू धर्म में चौकी विष्णु पालनहार माने गए हैं और 4 माह से करते हैं इस दौरान मांगलिक कार्य विवाह मुंडन जनेऊ आदि नहीं कराया जाता क्योंकि मांगलिक कार्यों में भगवान विष्णु का आह्वान किया जाता है मगर पाताल में शयन करने के कारण वे उपस्थित नहीं हो पाते ऐसे में किसी भी मांगलिक कार्य का फल नहीं मिल पाता है !!

Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि देव शयनी एकादशी के रूप में मनाई जाती है इस बार यह एकादशी तिथि मंगलवार 20 जुलाई को पड़ रही है पुराणों के मुताबिक भगवान विष्णु इसी दिन से पाताल लोक में देवउठनी एकादशी तक के लिए राजा बलि के यहां शरण हेतु चले जाते हैं इन 4 माह के दौरान संसार की देखभाल भगवान शिव के हाथों में होती है इस दौरान हिंदू धर्म में शादी विवाह और मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं हालांकि शादी विवाह मुंडन के अलावा बाकी के शुभ कार्य जैसे मकान बनवाना पेमेंट गृह प्रवेश नए व्यापार का शुभारंभ आदि किया जा सकता है देव शयनी एकादशी का दिन शुभ कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है
नवमी तिथि को किए जा सकते हैं शुभ कार्य !!


मान्यताओं के अनुसार देव शयनी एकादशी की तिथि से ही भगवान विष्णु चार महीनों तक योग निद्रा में रहते हैं देव शयनी एकादशी से बंद होने वाले मांगलिक कार्य प्रबोधिनी एकादशी के साथ पुनः प्रारंभ हो जाते हैं बता दें कि देश सैनी एकादशी से 2 दिन पूर्व यानी कि आषाढ़ माह की शुल्क पक्ष की नवमी को भी शुभ कार्य बिना किसी विचार के किए जा सकते हैं या मां की शुल्क पक्ष की नवमी को भी शुभ कार्य बिना किसी विचार के किए जा सकते हैं यह दिन अत्यंत शुभ होते हैं इससे मंडली बडल्या नवमी का अबूझ विवाह मुहूर्त भी करते हैं !!

14 नवंबर तक नहीं होंगे कोई शुभ कार्य

मंडली नवमी के दो दिन बाद देवशयनी एकादशी से चतुर्मास लग जाता है इसका अर्थ होता है कि बंडली नवमी के बाद 4 माह तक विवाह या अन्य शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में सभी देवी देवता निद्रा में चले जाते हैं इसके बाद सीधे प्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने पर चतुर्मास समाप्त होता है इसके बाद ही सभी तरह के शुभ कार्य शुरू किए जाते हैं !!

इस बार प्रबोधिनी एकादशी 14 नवंबर को है यानी 20 जुलाई से 14 नवंबर तक सभी शुभ कार्य वर्जित रहेंगे ऐसे में जो लोग इस स्थिति से पहले विवाह करना चाहते हैं वह अभी विवाह मुहूर्त में विवाह कर सकते हैं अन्यथा विवाह के लिए 4 माह के लिए इंतजार करना पड़ेगाबी !!

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Manglik work will not be done from 20th July to 14th November !!

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