Conflict between Ghazipur border farmer and BJP workers !! गाजीपुर बॉर्डर किसान और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव !!

 गाजीपुर बॉर्डर किसान और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव

गाजीपुर बॉर्डर पे बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ में अपने संगठन मंत्री का स्वागत करने पर किसान read more...

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गाजीपुर बार्डर 

गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे किसानों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प !!

बीजेपी  कार्यकर्त्ता ढोल नगाड़ों के साथ में अपने संगठन मंत्री का स्वागत करने के लिए वहां पहुंचे वहीं पर किसान धरने पर बैठे हुए थे बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने वही अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया तो भड़के किसानो ने काले झंडे दिखाए !!

उसी के बाद आपसी विरोध उत्पन्न हो गया और बात.मारपीट पर आ गई गाड़ियों की तोड़फोड़ भी की गई पुलिस प्रशासन जो की कम संख्या में थी बात उनकी स्थिति से बाहर हो गई !!

बता दें बीजेपी के नेता अमित बाल्मीकि जो संगठन में मंत्री चुने गए हैं उनके स्वागत के लिए बीजेपी के कार्यकर्ता जोकि गाजीपुर बॉर्डर पर जहां किसान आंदोलन कर रहे थे किसान धरने पर बैठे हुए थे वहां पर बीजेपी के कार्यकर्ता ढोल नगाड़े बजा रहे थे जिस पर किसानों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष हो गया !!

उसके बाद घटनास्थल पर गाजीपुर के एसएसपी मौके पर पहुंचे और वहां पर स्थिति को कंट्रोल किया, आपको बता दें कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं में महिलाएं भी थी उनके भी चोटें आई हैं और किसानों के भी चोटें आई हैं और दोनों अपनी तरफ से पुलिस को तहरीर दे चुके हैं और अभी तक मुकदमा रजिस्टर्ड भी नहीं हुआ है और पुलिस इसकी जांच कर रही है !!

आपको बता दें करतार सिंह बाजवा जो कि किसान नेता है उन्होंने कहा कि जो ढोल नगाड़े किसान आंदोलन के पास बजाएं बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने तो फिर टकराव होना तो लाजमी था और उन्होंने कहा बीजेपी के कार्यकर्ता मंच पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे !!

करतार सिंह बाजवा जो जी का कहना हैकि अगर अपने मंत्री जी का स्वागत करना ही था तो जहा किसान धरना दे रहे थे वही ही क्यों गए स्वागत करने के लिए वह से कुछ देय आगे या पीछे जा सकते थे औए उनका ये भी कहना है की जो बीजेपी के कार्यकर्त्ता है| उन्होंने किसानो के मंच पर भी कब्ज़ा करने का भी प्रयास किया था !!

आपको बता दे की जो कार्यकर्त्ता है वो वहा पे ढोल नगाड़े लेके अपने मंत्री जिनका नाम अमित बाल्मीकि है उनका स्वागत करने केलिए पहुचे थे और वही किसान धरने पर बैठे थे ऐसे में तकरार होना ही था !!

आपको बता दें कि इसी बात की सहमति दी है किसान आंदोलन के सबसे बड़े नेता राकेश टिकैत जी ने राकेश टिकैत जी ने कहा है अगर बीजेपी के कार्यकर्ताओं को अपने मंत्री जी का स्वागत करना ही था तो जहां किसान आंदोलन रहे थे तो वही क्यों वहां से 2 4 किलोमीटर आगे या दो 4 किलोमीटर पीछे भी कर सकते थे अगर किसान धरने पर बैठे हैं तो वहां ढोल नगाड़े बजेंगे तो तकरार तो होना ही था !!

तो ये हमारी जानकारी आपको कैसी लगी आपको क्या लगता की बीजेपी कार्यकर्ताओ ने सही किया क्या उन्हे ये करना चाहिये था या नहीं आप हमें कम्मेंट कर के बता सकते है अधिक  जानकारी के लिए हमारे चैनल SSSNEWSHINDI पर विजिट कर सकते हैं धन्यवाद 



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