बुमिता बसु किसान आन्दोलन में बलत्कार या कोरोना से मौत ??

कोरोना पॉजिटिव से टिकरी बोर्डर पर हुई मौत

कोरोना   पॉजिटिव  से टिकरी बोर्डर पर बंगाल  की  एक  युवती  की  30 अप्रैल  को  बहादुरगड   के  शिवम्  हॉस्पिटल  में  मौत  हो  गयी ,  जिसे   सरदारों   के  जथ्थो  ने  श्रधांजलि   अर्पित   की |   

 उसे  27 अप्रैल   को  बहादुरगड   के  हॉस्पिटल  में  भर्ती  किया गया था और  30 को उसकी वही  मौत हो गयी  और सरदारों  के जत्थे ने उसका  वही  अंतिम  सस्कार  किया |  पश्चिम - बंगाल   की इस युवती  जिसका नाम बुमिता बसु   है  

उसके पिता उत्पल बसु ने  बहादुरगड थाना में 6 लोगो के खिलाफ बलत्कार  तथा संगहीन धाराओं के तहत एक रिपोर्ट दी है  जिसके  ऊपर  जांच  करने  के लिए   एक  आई टी सेल   कमेटी का गठन किया है  जिसमे सीओ,   इसंपेक्टर   तथा  जाने -माने   अधिकारी   इस  कमेटी  में  शामिल  है 

सबसे पहला सवाल ? क्योकि अभी तक किसान आन्दोलन में  कोरोना  पॉजिटीव  की  कोई  भी  रिपोर्ट   सामने  नहीं  आई  थी   किसान आन्दोलनकारी इस  बात को कही न कही  नकारते आये है तथा वहां  के लोगो  को दिशा -निर्देश  भी दे रहे थे की गर्म पानी पिया  जाए पर कोरोना की गाइड  लाइन  के  अनुसार  वह ज्यादा  सोशल  डिसटेंसिंग  का ध्यान नही दे पा रहे है | कुछ लोगो का कहना है  कि  इस  आन्दोलन के दौरान जितने भी किसानो की मौत हुई है उन सभी के शवो को रखकर  प्रदर्शन किया गया |



 पश्चिम - बंगाल  की  इस   युवती  के  शव को भी रखकर  किसान आन्दोलन में प्रदर्शन  करना था पर  जो किसानो के लिए हितकर नहीं  था  क्योकि  अगर इसकी मौत कोरोना  से हुई है तो  उसके शव को रखने से बाकी लोगो को भी खतरा हो सकता था   

उनके पिता द्वारा जो आरोप लगाया है वह   किसान सोशल आर्मी  के  अनिल मालिक और  अनूप सिंह   पर   है , युवती के पिता द्वारा एक पेन ड्राइव  भी पुलिस को दिया गया है जिसमे  बुमिता बसु जो अपने पिता जी  से  बात किया करती थी उसकी रिकॉर्डिंग है  |

उन्होंने अनिल मालिक और अनूप सिंह पर यह आरोप लगाया की  वह उनकी  बेटी को परेशान किया करते थे|  किसान नेता  योगेन्द्र यादव  इस सारी बात से अवगत थे तथा उन्होंने उस युवती की मदद  करने की भी कोशिस की  पर कर नही सके  शायद   उनकी  भी  कोई परेशानी रही होगी !!

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Featured post

 पठान मूवी को मिली पहले दिन अच्छी ओपनिंग , हिंदु संगठनों का विरोध भी काम नहीं आता।