कौन होते हैं निहंग सिक्ख और क्यों ली इन्होने एक मासूम दलित की जान ||Who are Nihang Sikhs and why they took the life of an innocent Dalit.

 नई दिल्ली |

कौन होते हैं निहंग सिक्ख और क्यों ली इन्होने एक मासूम  दलित की जान ||Who are Nihang Sikhs and why they took the life of an innocent Dalit.

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कौन होते हैं निहंग सिक्ख और क्यों ली इन्होने एक मासूम  दलित की जान ||Who are Nihang Sikhs and why they took the life of an innocent Dalit.

निहंग:

निहंगो का इतिहास 320 वर्ष पुराना है |वर्ष 1699 में सिक्खों के आखिरी गुरु "गुरु गोविंद जी"ने खालसा समुदाय का संगठन किया था जिसमें दो प्रकार के सैनिक थे जिनमे एक नीले कपड़े पहनते थे और दूसरे साधारण, नीले रंग की पोशाक पहनने वाले सिक्खों को ही 'निहंग' कहा गया |निहंग एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ "मगरमच्छ या तलवार " होता है जबकि कुछ लोग इसे संस्कृत के 'निशंक' शब्द की उत्पत्ति मानते हैं जिसमें इसका अर्थ "निडर और शुद्ध" होता है | खालसा समुदाय का निहंग सैनिकों को शामिल करने का उद्देश्य बाहर से आए हुए आक्रमणकारियों से धर्म की रक्षा करना था |18वीं शताब्दी में अफगानिस्तान से आए अहमद शाहअफगानी ने पंजाब पर कई बार आक्रमण किया जिसे रोकने में निहंग सैनिकों का बहुत बड़ा हाथ था | निहंग सैनिक बहुत बड़े योद्धा माने जाते हैं इन्हें तलवारबाजी और तीरंदाजी में बहुत ही महारत हासिल है |महाराजा रणजीत सिंह की सेना में भी निहंगो का एक अलग गुट था | निहंगो का धार्मिक चिन्ह नीले रंग का होता है |

क्यों ली निहंगो ने एक मासूम  दलित की जान:

कौन होते हैं निहंग सिक्ख और क्यों ली इन्होने एक मासूम  दलित की जान ||Who are Nihang Sikhs and why they took the life of an innocent Dalit.

हमारे देश में धर्म को लेकर सभी सभी समुदाय बहुत जल्दी भावुक हो जाते हैं |भावुक होना तो एक बहुत सी बात है यहाँ तक कि ये कहना होगा कि कुछ लोग अपने धर्म के प्रति बहुत कट्टर होते हैं जिसमें ये किसी की जान लेने से भी पीछे नहीं हटते |
 ऐसा ही कुछ दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आन्दोलन जोकि लगभग 11 महीने से चल रहा है उसमे एक दलित व्यक्ति जिसका नाम लखबीर सिंह था उसकी बेरहमी से हाथ व पैर काटकर तड़पा-तड़पा कर हत्या कर दी गई |जिनकी हत्या निहंगो ने स्वीकार की है उनका कहना है कि लखबीर सिंह उनके गुरु ग्रन्थ को उठाकर भाग रहा था जिन्हें पूर्व कृषिमंत्री के साथ देखा गया था | आपको बता दें कि लखबीर सिंह पंजाब के एक छोटे गाँव के एक गरीब परिवार से हैं जोकि अपने घर से 50रूपये लेकर निकले थे अब वे दिल्ली तक और फिर किसान आन्दोलन तक कैसे पहुँचे जहाँ उन्हें बेरहमी से मार दिया गया यह एक जांच का विषय है |
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