Sadhvi Deva Thakur's war on Goldan hut Ram Singh Rana !! राम सिंह राणा पे साध्वी देवा ठाकुर का वार !!

 राम सिंह राणा पे साध्वी देवा ठाकुर का वार 


राम सिंह राणा को तो आप लोग जानते ही होंगे उन्होंने अपने एक ढाबे को किसान आंदोलन को समर्पित कर दिया है इसमें इन्होंने आटा दाल चावल सब्जी पानी दूध जैसी सेवाएं उन्होंने दी हैं किसानों के लिए अपना ढाबा उन्होंने किसान आंदोलन को पूर्णता समर्पित किया है वहां पर read more.....

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Ram Singh Rana

राम सिंह राणा को तो आप लोग जानते ही होंगे उन्होंने अपने एक ढाबे को किसान आंदोलन को समर्पित कर दिया है इसमें इन्होंने आटा दाल चावल सब्जी पानी दूध जैसी सेवाएं उन्होंने दी हैं किसानों के लिए अपना ढाबा उन्होंने किसान आंदोलन को पूर्णता समर्पित किया है वहां पर रुकने का भी बंदोबस्त किया गया है खासतौर से महिलाओं के लिए !

वहां पर बाथरूम वगैरह की सुविधाएं भी मौजूद कराई गई है और लंगर में भी वह सहयोग करते हैं इन सब कारणों से किसान उनसे अधिक प्रभावित है और उनके साथ में खड़े हो गए हैं प्रशासन के खिलाफ 2 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया गया है और किसानों के अलावा सिखों के आगु भी वहां पहुंचे हैं !

दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आगु वहां पहुंचे हैं और उन्होंने अपील की है कि वहां से जो किराए पर गाड़ियां जाती हैं ट्रक जाते हैं बसे जाते हैं उन्होंने उनसे कहा गया है कि जो उनका ढाबा है गोल्डन हट के नाम से वहां है और उनकी प्रशासन के खिलाफ लड़ने में मदद करें!

आपको बता दें इसी बीच एक नई घटना घटित होती है देवा ठाकुर जो है वो देवा फाउंडेशन के नाम से संस्था चला रही हैं जो सिखों से काफी प्रभावित है उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया की जो राम सिंह राणा का जो नाम है वह राम भूल राना है और जो संत पिछले दिनों आंदोलन में शहीद हुए उन्होंने उनकी शहादत के बाद अपना नाम राम भूल राणा से राम सिंह राणा कर लिया और उन्होंने आरोप लगाया कि 420 और जबरन कब्जा उन्होंने किया है कुरुक्षेत्र वाले होटल पर और भी कुछ मुकदमे इन पर विचाराधीन है !!

एनडीपीएस का यह मुकदमा है अब उनके आरोपों में कितनी सत्यता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इस विषय में हम लोगों ने वहां के लोकल व्यक्तियों से भी जानकारी ली फोन के माध्यम से तो उन्होंने बताया कि जो देवा ठाकुर हैं वह भी राजपूत हैं और जो राम सिंह राणा है वह भी राजपूत हैं और राजपूतों की तरफ से इस आंदोलन में ज्यादा सहयोग नहीं मिला है क्योंकि वह हरियाणा के रहने वाले हैं और वहां यहाँ की बारीकियों को बहुत नज़दीकियों से जानते हैं!!

दरअसल जो देवा ठाकुर साध्वी हैं वह राम सिंह राणा के खिलाफ हैं जबकि राम सिंह राणा खुद एक राजपूत हैं और आंदोलन से सेवा भाव से जुड़े हैं राम सिंह राणा ने क्या बात कही है कि जो सिख है उनके गुरु थे जिन्होंने आंदोलन के दौरान सही दीपाली उनके नाम को गुणगान करने के लिए राम भूल राणा से अपना नाम राम सिंह राणा रख लिया 

तो यह हमारी जानकारी आपको कैसी लगी आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं अधिक जानकारी के लिए हमारे चैनल SSSNEWSHINDI पर विजिट करें 



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